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Saturday, 15 October 2022

Premature death से रक्षा पाने के लिए इस रुद्राक्ष

Premature death से रक्षा के लिए पंचमुखी रुद्राक्ष सुरक्षित होता है और यह पुरुषों , महिलाओं और बच्चों , हर किसी के लिए अच्छा है । यह समान्य खुशहाली , स्वास्थ्य और स्वतंत्रता के लिए है । यह आपके ब्लड प्रेशर को कम करता है , आपकी तंत्रिकाओं को शांत करता है और स्नायु तंत्र में एक तरह की शांति और सतर्कता लाता है

Premature death


यह जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता पाने में मदद करता है और ज्ञान , धन , शक्ति और प्रसिद्धि पाने में मदद करता है । हालांकि , इसमें पंचमुखी रुद्राक्ष का महत्व ज्यादा है । धन और समृद्धि पाने के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की सलाह दी जाती है ।

माना जाता है कि इसको धारण करने से भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद बना रहता है । इसे धारण करने वाले को विशेष सावधानियां बरतने की जरुरत होती है । इसको पहनने से हृदय संबंधित बीमारियां , तनाव , चिंता , रक्त दबाव आदि को नियंत्रित करने में मदद मिलती है । मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए इस रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं । धारणकर्ता को विभिन्न विषयों का ज्ञान अर्जित करने में मदद मिलती है ।


Premature death


Premature death 2 के लिए भी इस रुद्राक्ष को पहन सकते हैं । पंचमुखी रुद्राक्ष साक्षात् शिव स्वरूप है । यह रुद्राक्ष नरहत्या के दोषों को दूर करने में सक्षम है । इस रुद्राक्ष को धारण करने से बृहस्पति के अशुभ फल समाप्त हो जाते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है । ज्ञान और आध्यात्मिक विकास के लिए इस रुदाक्ष को धारण करना चाहिए ।

इस रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इसे गंगा जल या कच्चे दूध से शुद्ध कर लीजिए । उसके बाद धूप , दीप जलाकर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने की सलाह दी जाती है । इसके बाद ' ॐ ह्रीं नम : ' मंत्र का 108 बार जाप करें ।

पंचमुखी रुद्राक्ष सर्वगुणों से संपन्न है इसके धारण करने से संतान एवं धन सुख प्राप्त होता है । वस्तुतः यह रुद्राक्ष सभी रुद्राक्षों में सर्वाधिक शुभ तथा पुण्य प्रदान करनेवाला माना गया है । इसे धारण करने से शीघ्र ही निर्धनता , दाम्पत्य सुख में कमी , जांघ व कान के रोग , मधुमेह जैसे रोगों का निवारण होता है । पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करने वालों को सुख , शांति तथा प्रसिद्धि की प्राप्ति होती है । ह्रदय रोगियों के लिए तो यह रामबाण ही है । इससे आत्मविश्वास , मनोबल तथा ईश्वर के प्रति श्रद्धा बढ़ती है ।


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इस यंत्र की स्थापना से आपका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता है । मात्र इस यंत्र की स्थापना से ही घर के सभी वास्तु दोष दूर होते हैं । बच्चों की शिक्षा के स्थान पर श्री यंत्र रखने से उनमें एकाग्रता बढ़ती है । तांबे का श्री यंत्र रखने से आपकी सभी इच्छाएं पूरी होती है ।

कहा जाता है कि श्रीयंत्र की पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है इसलिए लोग अपने घर में श्रीयंत्र की स्थापना करके पूजा और अराधना करते हैं । यदि विधि विधान के साथ श्रीयंत्र की पूजा की जाती है वहां सदैव सुख संपत्ति , सौभाग्य और ऐश्वर्य बना रहता है ।

धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रीयंत्र की पूजा बहुत प्रभावशाली मानी गई है । कहा जाता है कि श्रीयंत्र की पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है इसलिए लोग अपने घर में श्रीयंत्र की स्थापना करके पूजा और अराधना करते हैं ।

यदि विधि - विधान के साथ श्रीयंत्र की पूजा की जाती है वहां सदैव सुख - संपत्ति , सौभाग्य और ऐश्वर्य बना रहता है । यदि आपने अपने घर में श्रीयंत्र की स्थापना की है या करने जा रहे हैं तो इससे संबंधित नियमों का पालन करना भी कुछ बेहद जरूरी है । यदि इन बातों को ध्यान में न रखा जाए तो श्रीयंत्र पूजा करने का उचित फल प्राप्त नहीं होता है ।

सनातन धर्म में शुभ मुहूर्त का बहुत महत्व होता है । शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य से शुभ फल की प्राप्ति होती है , इसलिए कोई भी कार्य करने से पहले मुहूर्त अवश्य देखा जाता है । यदि आप अपने घर में श्री यंत्र स्थापित कर रहे हैं तो किसी योग्य ज्योतिषी से शुभ मुहुर्त की जानकारी अवश्य ले

अगर घर में श्रीयंत्र रख रहे हैं तो उसे भी पूजा स्थान में रखें और देव समान ही नियमित रूप से पूजा करें । शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के साथ श्री यंत्र की पूजा अवश्य करें । इस बात का ध्यान रखें कि एक बार श्री यंत्र को स्थापित करने के बाद रोजाना उसकी पूजा जरूर करनी चाहिए । इसकी पूजा न करने से आपको कोई लाभ प्राप्त नहीं होता है इसके अलावा इसके नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं ।

Premature death से रक्षा कोई भी यंत्र आकृतियों , चिन्हों और अंको को उकेरकर बनाया जाता है , किसी भी यंत्र का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही तरह से बना हुआ होना आवश्यक है । यदि आप श्रीयंत्र को घर में स्थापित कर रहे हैं तो भलभांति जांच लें कि श्रीयंत्र सही बना हो , गलत श्रीयंत्र की पूजा करने से कोई लाभ प्राप्त नहीं होता है ।


FAQ


7 मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि

किसी बी रूद्राक्ष में जो धारियां बनी होती है उन धारियो के मुख में जाना जाता है किसी रुद्राक्ष में अगर दो धारियां बनी है तो उसे दो मुखी ओर 7 धारियां बनी है तो 7 मुखी होता है 7 मुखी रूद्राक्ष के स्वामी शनिदेव होते है शनिदेव से सम्बंदित समस्या जिनको चल रही होती है बे 7 मुखी रूद्राक्ष पहन सकते है सप्तऋषि मंडल का इसको स्वरूप मानते है ओर इस रूद्राक्ष में सात हॉर्स जितनी ताकत होती है लकशमी प्राप्ति में ये सहायक माना जाता है नोकरी ओर व्यापार में बी महत्बपूर्ण होता है

Friday, 14 October 2022

रात को सोने से पहले करें ये 5 काम | स्किन हमेशा ग्लो करेगी



रात को सोने से पहले दिन भर भागदौड़ की वजह से स्किन रूटीन में ज्यादातर लोग ध्यान नहीं दे पाते , लेकिन अगर रात को सोते समय ही कुछ काम कर लिया जाए तो स्किन के लिए काफी फायदा हो सकता है । स्किन एक्सपर्ट्स की मानें तो त्वचा से जुड़ी तमाम परेशानियों से हमेशा दूर रहना चाहते हो तो आपको बिस्तर पर जाने से पहले ये 5 काम करने होंगे

रात को सोने से पहले

 

रात को सोने से पहले करें ये 5 काम


  • पानी से चेहरा धोना जरूरी

त्वचा की देखभाल के लिए रात को सोने से पहले कुछ बातों को अमल करना जरूरी होता है और उसमें सबसे पहले आता है साफ पानी से चेहरे को धोना । रात को सोने से पहले आपको चेहरे को साफ पानी से धोना चाहिए । क्योंकि स्किन की अशुद्धियों को दूर करने के लिए पानी काफी आवश्यक होता है । रात को सोने से पहले चेहरा धोने से धूल निकल जाती है ।

  • हर्बल फेस मास्क का यूज करें


रात को सोने से पहले चेहरे पर अगर आप हर्बल फेस मास्क लगाते हैं तो स्किन को स्वस्थ और पौषक रख सकते हैं । हर्बल फेस मास्क से स्किन में खोए हुए पोषक तत्वों के अलावा नमी की भरपाई हो जाती है , जो आपकी स्किन के लिए हर प्रकार से उपयुक्त है । आप सोने से पहले , एलोवेरा , मुल्तानी , खीरे या चंदन का पाउडर लगा सकती हैं ।

  • स्किन को मॉइस्चराइज करना जरूरी

अगर आपकी त्वचा रूखी हो गई है तो सोने से पहले फेस के साथ पूरे शरीर पर क्रीम , लोशन या नारियल तेल का प्रयोग करें , इससे स्किन पर नमी आ सकती है । इसे लगाकर सोने से त्वचा में नमी बनी रहेगी और समय से पहले हो रही झुर्रिया भी ठीक हो जाएंगी ।


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  • बालों की मालिश करना जरूरी

स्किन के साथ - साथ आप रात को सोने से पहले बालों की भी मसाज कर सकती हैं । ऐसा करने से आपकी पूरे दिन की थकान मिट जाएगी और आप गहरी नींद सो पाएंगी । गहरी नींद सोने के कारण आपकी स्किन ग्लो करने लगेगी ।

  • आंखों की इस तरह करें देखभाल

रात को सोने से पहले आंखों की सतह का हिस्सा काफी सबसे संवेदनशील है इसलिए इसकी अतिरिक्त देखभाल करने की जरूरत ज्यादा होती है । आंखों के आस - पास की त्वचा पर हो रहे काले दागों को दूर करने के साथ ही झुर्रियों को दूर करने के लिए आंखों की क्रीम का इस्तेमाल करना काफी जरूरी होता है , इसलिए रात को सोने से पहले आंखों के नीचे क्रीम को लगाना ना भूलें ।

Friday, 7 October 2022

नीम सिर्फ हमारी त्वचा के लिए नहीं बल्कि पेट के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है इसके बारे में रोचक बातें जानिए

अगर आप खाली पेट नीम की पत्तियों का सेवन करते हैं तो या फिर इन्हें पानी में उबाल कर नमक के साथ खाते हैं तो आपको अपने शरीर से इन बीमारियों को करने में मदद मिल सकती है । भारत को आयुर्वेद की सरजमीं कहा जाता है और यहां पाई जाने वाले ढेर सारी जड़ी - बूटियां किसी न किसी रोग में काम जरूर आती है । 

इन जड़ी - बूटियों में हमारे आस - पास मौजूद ऐसे ढेर सारे पेड़ - पौधे पाए जाते हैं , जिनके बारे में आप सोच भी नहीं सकते हैं । इन्हीं में एक है नीम , जो भारत के हर हिस्से में पाया जाता है । इस पेड़ की पत्तियों से लेकर टहनियां भी हमारे बड़े काम आ सकती है । 

नीम


नीम का पेड़ यूं तो अपने ढेर सारे लाभ के लिए जाना जाता है और इसका औषधीय उपयोग लगभग हजारों वर्षों से होता आ रहा है । यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र नीम के पेड़ को " 21 वीं सदी का वृक्ष " घोषित कर चुका है । आप शायद इस बारे में जानते हों लेकिन बता दें कि नीम की पत्तियों का सेवन शरीर की अनेक बीमारियों को दूर कर सकता है । 

जी हां , अगर आप खाली पेट नीम की पत्तियों का सेवन करते हैं तो या फिर इन्हें पानी उबाल कर नमक के साथ खाते हैं तो आपको अपने शरीर से इन बीमारियों को करने में मदद मिल सकती है । आइए जानते हैं कौन सी हैं ये बीमारियां ।


नीम के 10 फायदे


ब्लड शुगर करे कंट्रोल 

खराब जीवनशैली के कारण भारत में लगातार डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है । हालांकि लोग अभी भी घरेलू नुस्खों पर विश्वास करते हैं । इन्हीं घरेलू नुस्खों में से एक है नीम के पत्तों को सुबह खाली पेट चबाना । ऐसा करने से ब्लड शुगर को कंट्रोलकरने में मदद तो मिलेगी ही साथ ही आपका खून भी साफ होगा । एक्सपर्ट बताते हैं कि नीम के पत्तों में azadirachtolide नाम का तत्व होता है , जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में प्रभावी होता है । 


कई संक्रमण को रखता है दूर 

जी हां , नीम का उपयोग एक एंटी बायोटिक के रूप में भी किया जाता है , जो सामान्य प्रकार के संक्रमण को रोकने में उपयुक्त होता है । सुबह नियमित रूप से नीम की पत्तियां चबाने पर आपको मूत्रमार्ग और आंखों के संक्रमण में काफी फायदा मिलता है । इतना ही नहीं नीम पित्त और कफ को कम करने का भी काम करता है । नीम की ब्लड प्यूरीफायर , एंटी बैक्टीरियल , एंटी ऑक्सीडेंट खूबियां इसे एक्जिमा , सोरायसिस जैसे अनेक त्वचा विकारों में फायदेमंद बनाती है । 


पेट के लिए लाभदायक 

नीम सिर्फ हमारी त्वचा के लिए नहीं बल्कि पेट के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है । इसमें मौजूद पित्तनाशक गुण एसिडिटी में बेहद उपयोगी होते हैं और आप सुबह खाली पेट पानी में नीम की पत्तियां उबालकर पीने से कब्ज , पेट दर्द , आंतो में मौजूद कीड़ों को बाहर निकालने में मदद मिलती है ।


बुख़ार को करे कम 

मानसून हो या उसके बाद फैलने वाले डेंगू , मलेरिया नीम के पत्ते सभी में बहुत फायदेमंद माने जाते हैं । इन दोनों स्वास्थ्य स्थितियों में बुखार आता है और नीम बुखार को कम करने की अच्छी दवा है । इसकी पत्तियों में स्थित गेंडनिन नाम का यौगिक मलेरिया के तेज बुखार को कम करने में कारगर साबित हुआ है । 


इम्यूनिटी बढ़ाने में फायदेमंद 

सुबह उठकर खाली पेट नीम की पत्तियां चबाने से आपके शरीर को प्राकृतिक गुण प्राप्त होते हैं , जो शरीर में पहुंचकर रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने का काम करते हैं । अगर आप नियमित रूप से नीम की पत्तियां चबाकर पानी पीते हैं या फिर पानी में उबालकर पत्तियों का सेवन करते हैं तो आपको प्राकृतिक इम्यून बूस्टर प्राप्त होता है ।

Monday, 8 August 2022

अजवाइन के फायदे - ajwain benefits ki Jankari

आपको अजवाइन के साथ सर्दी और खांसी का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए ! शोध से पता चला है कि अजवाइन में एंटीट्यूसिव गुण या ठंड को दबाने वाले गुण होते हैं । आमतौर पर अजवाइन को सामान्य सर्दी और खांसी के इलाज के लिए जाना जाता हैं । शिशुओं , बच्चों और वयस्कों में सर्दी और खांसी आम है । 

अजवाइन


मौसम में थोड़े से बदलाव से लगातार खांसी और नाक से स्राव होने लगता है । इसके अलावा , सर्दी की शुरुआत सर्दी और खांसी सहित कई बीमारियों को लेकर आती है , क्योंकि इस मौसम में वायरस अधिक सक्रिय होते हैं । 
             






कम इम्यूनिटी वाले लोग आसानी से इसके शिकार बन जाते हैं । इसलिए आपको अजवाइन के साथ सर्दी और खांसी का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए ! शोध से पता चला है कि अजवाइन में एंटीट्यूसिव गुण या ठंड को दबाने वाले गुण होते हैं । अजवाइन के फायदे कई हैं । 

आमतौर पर अजवाइन को सामान्य सर्दी और खांसी के इलाज के लिए जाना जाता हैं । इतना ही नहीं बल्कि अजवायन के कारण दमा के रोगियों के फेफड़ों में भी वायु प्रवाह बढ़ सकता है । अगर आप सोच रहे हैं कि खांसी के लिए अजवाइन का सेवन कैसे करें , तो यहां कुछ उपाय दिए गए हैं । खांसी के लिए अजवाइन के उपयोग तरीके


सर्दी - खांसी के लिए अजवायन की पोटली 


यह एक अद्भुत उपाय है जिसे सभी के लिए आजमा सकते हैं । तवे पर थोड़ा सा अजवायन डालकर भून लीजिए और जब इसकी महक आने लगे तो इसे एक साफ सूती कपड़े में निकाल लीजिए । इसे पोटली की तरह बांधकर अपने बच्चे की छाती पर दबाएं । हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि पोटली ज्यादा गर्म न हो । नहीं तो यह आपके बच्चों की नाजुक त्वचा को सकता है । इस प्रक्रिया का पालन करते हुए हर दिन दो बार नाक और छाती की जकड़न दोनों को साफ करने में मदद मिल सकती है । 

अजवायन की भाप लेना 


बंद नाक के लिए गर्म भाप अद्भुत काम करती है और जब आप गर्म पानी में मुट्ठी भर अजवाइन डालकर उसकी भाप लेते हैं , तो बंद नाक सामान्य गर्म भाप की तुलना में जल्दी साफ हो जाती है ।

अजवाइन - लहसुन की पोटली बनाएं 


लहसुन की दो कली और एक मुट्ठी अजवाइन को तब तक भूनिये जब तक आपको अच्छी महक न आने लगे । उनके साथ एक पोटली बनाएं लेकिन इसे गर्म पैड के रूप में उपयोग न करें क्योंकि आपके बच्चे को लहसुन की तीखी गंध पसंद नहीं आ सकती है । इसके बजाय , पोटली को तकिए के नीचे रखना आदर्श है । कुछ देर तक गंध को अंदर लेने के बाद उनकी नाक और छाती में जमाव छूटने लगेगा । वयस्क इस पोटली को गर्म पैड के रूप में आसानी से उपयोग कर सकते हैं ।

अजवाइन , तुलसी और अदरक का मिश्रण 


फिर कुछ तुलसी के पत्तों को अजवायन और कटे हुए अदरक के साथ लगभग 15 मिनट तक उबालें । उसके बाद मिश्रण को छान कर ठंडा कर लें और अपने बच्चों को दिन में दो बार 1-2 चम्मच दें । अगर आप इस मिश्रण को बड़ों के लिए बनाना चाहते हैं , तो उबलते पानी में 4-5 साबुत काली मिर्च और 1/3 कप गुड़ डालें । यह मिश्रण सर्दी - खांसी और पेट के दर्द दोनों में कारगर है । 

अजवाइन के तेल की मालिश 


कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अजवायन की कड़वी गंध और स्वाद पसंद नहीं होता है । उनके लिए अजवाइन के तेल की मालिश बेहद फायदेमंद होती है । गरम तेल में थोड़ा सा अजवायन मिलाकर कुछ देर के लिए रख दें ताकि अजवायन के पोषक तत्व तेल में मिल जाएं । 


अब अपनी छाती , नाक और पीठ की मालिश करें ताकि नाक और छाती की भीड़ को मुक्त किया जा सके । हालांकि सर्दी और खांसी के लिए नियमित अजवाइन अच्छी है , लेकिन अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए जैविक किस्म का चुनाव करना बुद्धिमानी है । 


जैविक अजवाइन की खेती बिना रसायनों और कीटनाशकों के प्राकृतिक रूप से की जाती है । उनकी गुणवत्ता शुद्ध रहती है , और कोई वाटर रिटेंशन नहीं होता है ।

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