Monday, 17 October 2022

deepawali कब है जानें तिथि शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी गणेश पूजन

प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह में अमावस्या तिथि को deepawali का त्योहार मनाया जाता है । पूरे भारत में इस पर्व का अलग ही हर्ष और उल्लास देखने को मिलता है । इस दिन पूरा देश दीये को रोशनी से जगमगा उठता है । हिंदू धर्म में दिवाली को सुख - समृद्धि प्रदान करने वाला त्योहार माना जाता है । धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घर पर पधारती हैं और उन्हें धन - धान्य का आशीर्वाद प्रदान करती हैं ।

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साथ ही कहा जाता है कि दिवाली के दिन ही प्रभु श्रीराम लंकापति रावण पर विजय प्राप्त करके अयोध्या लौटे थे । 14 वर्ष का वनवास पूरा कर भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में लोगों ने पूरे अयोध्या को दीयों को रोशनी से सजा दिया था । तभी से पूरे देश में दिवाली मनाई जाती है । इस दिन लोग दीपक जलाकर खुशियां मनाते हैं ।

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deepawali पर शुभ मुहूर्त कब है  


 इस साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 24 और 25 अक्टूबर दोनों दिन पड़ रही है । लेकिन 25 अक्टूबर को अमावस्या तिथि प्रदोष काल से पहले ही समाप्त हो रही है । वहीं 24 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि होगी । 24 अक्टूबर को निशित काल में भी अमावस्या तिथि होगी । इसलिए इस साल 24 अक्टूबर को ही पूरे देश में दीवाली का पर्व मनाया जाएगा ।


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deepawali पर लक्ष्मी - गणेश पूजन विधि


दिवाली पर शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी - गणेश की पूजा विधि पूर्वक की जाती है । पहले कलश को तिलक लगाकर पूजा आरम्भ करें । इसके बाद अपने हाथ में फूल और चावल लेकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का ध्यान करें । ध्यान के पश्चात भगवान श्रीगणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा पर फूल और अक्षत अर्पण करें । फिर दोनों प्रतिमाओं को चौकी से उठाकर एक थाली में रखें और दूध , दही , शहद , तुलसी और गंगाजल के मिश्रण से स्नान कराएं । इसके बाद स्वच्छ जल से स्नान कराकर वापस चौकी पर विराजित कर दें । 

स्नान कराने के उपरांत लक्ष्मी - गणेश की प्रतिमा को टीका लगाएं । माता लक्ष्मी और गणेश जी को हार पहनाएं । इसके बाद लक्ष्मी गणेश जी के सामने बताशे , मिठाइयां फल , पैसे और सोने के आभूषण रखें । फिर पूरा परिवार मिलकर गणेश जी और लक्ष्मी माता की कथा सुनें और फिर मां लक्ष्मी की आरती उतारें ।


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दिवाली पूजा के दौरान क्या करे


deepawali के दिन पूजा क्षेत्र को हमेशा उत्तर - पूर्व दिशा में स्थापित करें और पूजा करते समय परिवार के सभी सदस्यों को उत्तर की ओर मुंह करके बैठना चाहिए ।

  • मुख्य पूजा का दीया देसी घी से भरें ।
  • दीयों की संख्या 11 , 21 , 51 रखें ।
  • दिवाली की रात में अपने घर के दक्षिण - पूर्व कोने में एक सरसों के तेल का दीपक जलाकर रखें । 
  • पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करें , जिन्हें भारतीय परंपरा में विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है ।


deepawali पूजा के दिन क्या न करें 


  • अक्सर लोग इस दिन जुआ खेलते हैं , जबकि ये गलत है । इस दिन जुआ खेलने से बचना चाहिए ।
  • इस दिन शराब पीने और मांसाहारी भोजन लेने से बचें । 
  • दीये को रात भर जलाने के लिए पूजा घर को रात में खाली न छोड़ें ।
  • भगवान गणेश की ऐसी मूर्ति न रखें , जिसकी सूंड दाहिनी ओर हो ।
  • घर के अंदर आतिशबाजी या फुलझड़ी का प्रयोग करें ।

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