Thursday, 20 October 2022

Laughing Buddha को इस दिशा में रखें तो संपत्ति में वृद्धि

धन की पोटली अपने कांधे पर टांगे Laughing Buddha किसी भी घर या ऑफिस के लिए शुभ माने गए हैं । इन्हें रखने से पैसों से जुड़ी हर परेशानी खत्म होने लगती है और कभी पैसों की तंगी नहीं होती । धन की पोटली धन भंडार का प्रतीक है । ऐसे लॉफिंग बुद्धा को घर लेकर आना यानी उनके पीछे - पीछे धन - संपदा को भी आने का रास्ता दिखाना है । 

Laughing Buddha
Laughing Buddha



Laughing Buddha को सुख , प्रचुरता , संतोष और कल्याण का प्रतीक माना जाता है । लाफिंग बुद्धा की मूर्तियों को शुभ माना जाता है और सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य के लिए इन्हें अक्सर घरों , कार्यालयों , होटलों और रेस्तरां में रखा जाता है । दोनों हाथ ऊपर किए हुए Laughing Buddha सौभाग्य का प्रतीक हैं वह खुशहाली लेकर आते हैं . उनकी मूर्ति से विश्वास में बढ़ोतरी होती है । 


Laughing Buddha


धन की पोटली अपने कांधे पर टांगे Laughing Buddha किसी भी घर या ऑफिस के लिए शुभ माने गए हैं । इन्हें रखने से पैसों से जुड़ी हर परेशानी खत्म होने लगती है और कभी पैसों की तंगी नहीं होती । पूर्व , उगते सूरज की दिशा , जहां Laughing Buddha रखा जाना चाहिए । 

इसे परिवार के लिए सौभाग्य का स्थान कहा जाता है । परिवार में सुख - समृद्धि लाने के लिए इस दिशा में मूर्ति स्थापित करें । यदि मूर्ति को दक्षिण - पूर्व दिशा में रखा जाए तो इससे परिवार की संपत्ति में वृद्धि होती है ।

Laughing Buddha के बारे में बहुत सारी बातें प्रचलित हैं । आप उदास रहते हैं , आर्थिक बोझ तले दबे हुए हैं , घर में उदासी जैसी स्थिति बनी रहती है , तो लाफिंग बुद्धा को अपने घर लाकर इन समस्याओं का समाधान पा सकते हैं । 


Laughing Buddha
Laughing Buddha



Laughing Buddha की मूर्ति सुख , संपदा एवं प्रगति का प्रतीक माना जाता है । घर में इसके होने से संपन्नता , सफलता आती है । लाफिंग बुद्धा की मूर्ति सुख , संपदा एवं प्रगति का प्रतीक माना जाता है । घर में इसके होने से संपन्नता , सफलता आती है । 

Laughing Buddha की मूर्ति मकान , व्यापार स्थल , लॉबी या फिर बैठक कक्ष में होनी चाहिए । लेकिन ध्यान रहे , यह जमीन से ढाई फीट ऊपर एवं मुख्य दरवाजे के सामने होनी चाहिए । लाफिंग बुद्धा की मूर्ति मकान , व्यापार स्थल , लॉबी या फिर बैठक कक्ष में होनी चाहिए । लेकिन ध्यान रहे , यह जमीन से ढाई फीट ऊपर एवं मुख्य दरवाजे के सामने होनी चाहिए । 


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बुद्धा के हंसते हुए चेहरे को खुशहाली और संपन्नता का प्रतीक माना गया है । फेंगशुई के नियम के अनुसार लाफिंग बुद्धा को अपने घर में दक्षिण पूर्व दिशा में रखें तो इस दिशा की सकारात्मक उर्जा बढ़ जाती है जो धन औ सुख को आकर्षित करती है । घर में रहने वालों की आमदनी बढ़ती है । नौकरी व्यवसाय आपके विरोधियों से आप परेशान हैं तो इसमें भी यह राहत दिलाता है ।

सनातन धर्म में जहां भगवान विष्णु के कच्छप अवतार को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है । वहीं कच्छप यानि कछुए की कई प्रतिमाओं का उपयोग पूराने समय से आज तक हमारे यहां शुभता के लिए किया जाता है । इसी के तहत कछुए का प्रयोग प्राचीन समय से ही वास्तु उपाय के रूप में किया जाता रहा है । प्राचीनतम मंदिरों में हमें असीम शांति अनुभव होती है । 

माना जाता है कि ऐसा कछुआ व्यर्थ की भागदौड़ व अनावश्यक प्रयासों से बचाते हुए यह जीवन की सार्थकता के साथ - साथ सुरक्षा भी देता है । कछुआ एक प्रभावशाली यंत्र है , जिससे वास्तु दोष का निवारण होता है और खुशहाली आती है । वास्तु और फेंगशुई में स्फटिक निर्मित कछुआ घर में रखना ज्यादा असरकारी माना जाता है 

इसे घर में रखने से कामयाबी के साथ - साथ धन - दौलत का भी समावेश होता है । अगर आप काफी समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और कई उपाय करने के बाद भी आपको कोई विकल्प नहीं मिल रहा है तो आप घर में स्फटिक से बना हुआ कछुआ रख सकते है । इसे घर की उत्तर दिशा में रखें और मुंह अंदर की तरफ रहे । यदि आप व्यवसायी हैं , तो अपने प्रतिष्ठान की उत्तर दिशा में वास्तु कछुआ रखें , ऐसा करने से व्यापार में धन लाभ और सफलता मिलती है रुके हुए काम जल्दी होने लगते हैं ।

वहीं पीतल , चांदी , तांबा या अष्ट धातु से बना हुआ कछुआ यानि धातु का कछुआ घर या व्यवसायिक स्थल पर लगाना शुभ माना गया है । इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है व वास्तुदोष भी दूर होता है । घर में धातु का कछुआ रखने से , कई समस्याओं के समाधान में मदद मिलती है । 

कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी अगर आपको कैरियर में सफलता नहीं मिल रही है तो आपको अपने घर की उत्तर दिशा में धातु से बना हुआ कछुआ रखना चाहिए । इस दिशा में धातु का कछुआ रखने से घर का वातावरण सकारात्मक रहता है , परिवार के सदस्यों का मूड भी अच्छा रहता है । 

कछुए का प्रयोग प्राचीन समय से ही वास्तु उपाय के रूप में किया जाता रहा है । प्राचीनतम मंदिरों में हमें असीम शांति अनुभव होती है , उसका मुख्य कारण मंदिर के मध्य में कछुए की स्थापना है । कहा जाता है कि इसको जहां भी रखा जाता है , वहां सुख - समृद्धि - शांति आती है । आजकल बहुत से लोग घर में कछुए की प्रतिमा रखते हैं । 

मान्यता है कि कछुए के प्रतीक को घर में रखने से आर्थिक उन्नति होती है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है , जिससे घर में रहने वाले सदस्यों की सेहत अच्छी रहती है ।

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